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Friday, May 13, 2022

साझेदारों के पूँजी खाते (Capital Account of Partners) | साझेदारों के पूँजी खाते बनाने की पध्दतियाँ।

साझेदारों के पूँजी खाते (Capital Account of Partners) | साझेदारों के पूँजी खाते बनाने की पध्दतियाँ। स्थाई पूँजी पध्दति एवं परिवर्तनशील पूँजी पद्धति।

साझेदारो के पूँजी खाते (Capital Accounts of Partners)


एक साझेदारी फर्म में एक से अधिक स्वामी होते हैं, इसलिए प्रत्येक साझेदार के नाम से उतने ही पूँजी खाते रखे जाते हैं, जितने साझेदार होते हैं। 

पूँजी खाते बनाने की पध्दतियाँ


यह पूँजी खाते साझेदारों के परस्पर समझौते के अनुसार स्थायी पूँजी पद्धति अथवा परिवर्तनशील पूँजी पद्धति पर रखे जाते हैं। साझेदारी समझौते में पूँजी खाता रखने की पद्धति का उल्लेख कर दिया जाता है। उल्लिखित पद्धति के अनुसार ही साझेदारों के पूंजी खाते बनाये जाने चाहिए:

[1] स्थायी पूँजी (Fixed Capital) - स्थायी पूँजी का तात्पर्य उस पूँजी से है, जिसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है। साझेदारी व्यवसाय प्रारम्भ करते समय साझेदार जो रकम अथवा सम्पत्ति व्यापार में लगाते हैं, वह उनकी पूँजी होती है। यदि वह पूँजी सदैव एक समान रखी जाये, तो इसे स्थायी पूँजी कहा जायेगा। स्थायी पूँजी होने पर साझेदारों के आहरण, लाभ-हानि, पूँजी व आहरण का ब्याज तथा वेतन आदि का लेखा पूँजी खाते में नहीं किया जाता है। हाँ, यदि साझेदार आपस में निश्चय कर पूँजी की मात्रा बढ़ाना चाहें, तो पूँजी के लिए लायी जाने वाली अतिरिक्त राशि का लेखा पूँजी खाते में ही किया जाता है।

स्थायी पूँजी होने पर प्रत्येक साझेदार के दो खाते रखे जाते हैं 

1).  पूँजी खाता (Capital Account)- इस खाते में साझेदार की स्थायी पूँजी दिखाई जाती है, जो हमेशा एक समान रहती है।

Partners capital account
Partners Capital account.














2). चालू खाता (Current Account)- जब साझेदारों के पूँजी खाते स्थायी पद्धति पर रखे जाते हैं, तब प्रत्येक साझेदार के लिए एक विशेष खाता और रखा जाता है, जिसे साझेदार का चालू खाता (Partner's Current A/c) कहते हैं। इस खाते में साझेदार का आहरण, आहरण का ब्याज तथा हानि का भाग नाम लिखा जाता है और पूंजी का ब्याज, शुद्ध लाभ का भाग, वेतन आदि जमा लिखे जाते हैं। इस खाते का शेष नाम अथवा जमा कोई भी हो सकता है। यह खाता चिट्ठे में पृथक से दर्शाया जाता है। कभी-कभी साझेदारों के आहरण के लिए पृथक से आहरण खाता (Drawings Account) भी रखा जाता है। वर्ष के अन्त में इसका शेष चालू खाते में स्थानान्तरित कर दिया जाता है।

Partners Current Account
Partners Current Account




(2)  परिवर्तनशील पूँजी (Fluctuating Capital)- यह वह पूँजी है, जिसमें प्रतिवर्ष परिवर्तन होता रहता है। यह परिवर्तन पूंजी पर ब्याज, साझेदार के वेतन व उसे मिलने वाले लाभांश, आहरण व आहरण के ब्याज के कारण होता है। यदि साझेदार परिवर्तनशील पूँजी खाते रखने का निश्चय करते हैं, तो व्यवसाय में साझेदारों का केवल पूँजी खाता ही रखा जाता है। आहरण व आहरण का व्याज तथा व्यापार की हानि पूँजी खाते में नाम और पूँजी का ब्याज, वेतन तथा लाभांश इसमें जमा किये जाते हैं। ऐसा करने से प्रत्येक वर्ष के अन्त में साझेदारों के पूंजी खातों का शेष घट-बढ़ जाता है।


Partners Capital Account
Fluctuating capital Method


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