ख्याति (Goodwill) किसे कहते है? ख्याति की विशेषताएँ, परिभाषा एवं उत्पन्न होने के कारण।
#ख्याति से आशय एवं परिभाषा
(Meaning and Definition of Goodwill)
सामान्य लाभ से अधिक लाभ अर्जित करने की क्षमता को ही 'ख्याति' कहते हैं।
ख्याति ऐसे व्यापार में उत्पन्न होती है, जो लगाई गई पूंजी पर लाभ की सामान्य दर से अधिक लाभ अर्जित करता है। अधिक (अतिरिक्त) लाभ अर्जित करने की क्षमता व्यवसाय के नाम, उज्ज्वल भविष्य लोकप्रियता तथा व्यापारी के व्यावसायिक सम्बन्ध, चरित्र, ईमानदारी व परिश्रम से प्राप्त होती है। इस कारण व्यापार की बिक्री में वृद्धि होती है, जिससे व्यापार की लाभार्जन शक्ति बढ़ जाती है। भवन, यंत्र, फर्नीचर की भांति इसका कोई भौतिक स्वरूप नहीं होता है। यह अमूर्त संपत्ति है।
#ख्याति की परिभाषा
विद्वान लेखकों द्वारा दी गई प्रमुख परिभाषायें निम्नलिखित हैं
1. लार्ड मेकनाटन- "ख्याति एक ऐसी वस्तु है, जिसका वर्णन करना सरल है, किन्तु परिभाषित करना कठिन है। यह व्यापार के अच्छे नाम, प्रतिष्ठा और सम्बन्धों से मिलने वाला लाभ है। यह वह आकर्षण शक्ति है, जो ग्राहकों को अपनी ओर खींचती है। ख्याति अनेक तत्वों से मिलकर बनती है।"
2. लार्ड एल्डन- “ख्याति इस सम्भावना के अतिरिक्त और कुछ नहीं है कि पुराने ग्राहक पुराने स्थान को ही चुनेंगे।" 3. प्रो. डिक्सी- "जब कोई व्यक्ति ख्याति की राशि देता है, तो वह राशि इसलिये देता है, जो उसे ऐसी स्थिति में पहुंचा देती है कि वह इतनी अधिक आय प्राप्त करेगा, जितनी कि वह स्वयं के प्रयत्नों से प्राप्त नहीं कर सकता था।"
#ख्याति के लक्षण (Characteristics of Goodwill)
ख्याति की उपर्युक्त व्याख्या के आधार पर इसके निम्नलिखित लक्षण स्पष्ट किये जा सकते हैं -
(1) यह समृद्ध व्यापार की सम्पत्ति है।
(2) यह अमूर्त और अदृश्य सम्पत्ति है।
(3) यह एक विक्रय योग्य सम्पत्ति है।
(4) इसका मूल्य घटता-बढ़ता रहता है।
(5) यह अधिक लाभ अर्जित करने में सहायक होती है।
(6) यह व्यापार की पूंजी का अभिन्न अंग है।
(7) अमूर्त सम्पत्ति होने के कारण इसे अपलिखित किया जाता है।
(8) यह कई तत्वों से मिलकर बनती है।
#ख्याति उत्पन्न होने के कारणा (Causes of Origin of Goodwill)
ख्याति अनेक तत्वों से मिलकर बनती है। एक समृद्ध और प्रतिष्ठित व्यापार जिन तत्वों के कारण ख्याति अर्जित करता है, उनमें प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं :
1. व्यापार की स्थिति- यदि व्यापार की स्थिति ऐसे स्थान पर हो कि ग्राहकों को आने में पूर्ण सुविधा हो, तो ऐसा व्यापार ख्याति प्राप्त कर लेता है।
2. उत्तम माल और उचित दाम ग्राहकों को उचित मूल्य पर उत्तम माल उपलब्ध कराने पर भी व्यापार अपनी ख्याति बना लेता है।
3. व्यापारी का सद्व्यवहार व्यापारी के व्यक्तिगत गुण, जैसे- नैतिकता, सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, मधुर व्यवहार आदि भी व्यापार की लाभार्जन शक्ति बढ़ाते हैं।
4. व्यापार के प्रति ग्राहकों का आकर्षण- ग्राहकों का व्यापार के प्रति आकर्षण भी व्यापार की ख्याति प्रदान करता है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिये अनेक प्रकार के साधन हैं, जैसे- विज्ञापन, इनामी योजना तथा ग्राहकों को सुविधाएँ प्रदान करना आदि।
5. सर्वाधिकार प्राप्त होना व्यापार में एकाधिकार, ट्रेडमार्क आदि से ख्याति उत्पन्न हो जाती है।
6. विक्रय एवं वितरण की उत्तम व्यवस्था यदि व्यापार ने विक्रय एवं वितरण हेतु नियोजित व्यवस्था अपना रखी है, तो ग्राहक सुविधा का अनुभव करता है, जिससे ख्याति शीघ्र स्थापित हो जाती है।
7. कार्यकुशल एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी- यदि संस्थान में कार्यरत कर्मचारी अपने कार्यों में कुशल एवं कर्तव्यनिष्ठ हैं तथा स्वयं को व्यापार का एक अंग महसूस करते हैं, तो वे ग्राहकों को संतुष्ट रखने में सफल रहते हैं। ऐसा व्यापार अपनी साख जमाने में सफल रहता है।

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