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Monday, August 30, 2021

वाणिज्य का क्या अर्थ है। Meaning of Commerce in Hindi.

वाणिज्य का क्या अर्थ है। Meaning of Commerce in Hindi. 

वाणिज्य का अर्थ

वाणिज्य में वे सभी गतिविधियाँ शामिल हैं जो वस्तुओं और सेवाओं के बिक्री हस्तांतरण या विनिमय को सुगम बनाती हैं। अन्य शब्दों में, वाणिज्य से तात्पर्य उन सभी गतिविधियों से है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अंतिम उपभोक्ता को माल के वितरण में मदद करती हैं । 




जैसा की हम सब जानते है कि माल के उत्पादन का तब तक कोई फायदा नहीं होगा जब तक कि ये सामान अंतिम उपभोक्ता तक नहीं पहुंच जाते। वस्तुओं का उत्पादन एक स्थान पर होता है और उपभोक्ता विभिन्न स्थानों पर बिखर जाते हैं। उपभोक्ताओं को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि विनिर्माता किस प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन करता है। वस्तुओं का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है और उपभोक्ताओं द्वारा कम मात्रा में मांग की जाती है। 
वाणिज्य वस्तुओं के आदान-प्रदान और वितरण के लिए एक साधन प्रदान करता है। यह उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक कड़ी का काम करता है और इस तरह उनके बीच की खाई को पाटता है।
यह उन सभी गतिविधियों को शामिल करता है, जो वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। इस प्रकार, विनिमय की प्रक्रिया में बाधाओं को दूर करने वाली सभी गतिविधियों को वाणिज्य में शामिल किया जाता है। बाधाएं व्यक्तियों, स्थान, समय, जोखिम, वित्त आदि के संबंध में हो सकती हैं।

वाणिज्य के घटक

वाणिज्य में सम्मलित किर्याओं के निम्न दो प्रकारों हैं:

1. व्यापार (Trade).
2. व्यापार के सहायक ( Auxiliaries to trade).

1. व्यापार का अर्थ




व्यापार का तात्पर्य लाभ कमाने के उद्देश्य से वस्तुओं का क्रय-विक्रय करना है। यह क्रेता और विक्रेता के बीच माल के आदान-प्रदान से जुड़ा है।

2. व्यापार के सहायक  
व्यापार की सहायता के लिए की जाने वाली गतिविधियों को व्यापार के लिए सहायक के रूप में जाना जाता है। इन गतिविधियों को आम तौर पर सेवाओं के रूप में संदर्भित किया जाता है क्योंकि ये उद्योग और व्यापार से संबंधित गतिविधियों को सुविधाजनक बनाती हैं। परिवहन, बैंकिंग, बीमा, भण्डारण(Warehousing) और विज्ञापन को व्यापार के लिए सहायक माना जाता है, अर्थात, सहायक भूमिका निभाने वाली गतिविधियाँ।

व्यापार के सहायक में निम्न सम्मलित है:

1. परिवाहन एवं संचार (Transport and Communication)






2. बैंकिंग (Banking)




3. भण्डारण (Warehousing)



4. बीमा (Insurance)



5.  विज्ञापन (Advertising) 



दोस्तों इस ब्लॉग में हमने वाणिज्य का अर्थ और वाणिज्य की किर्याए को जाना। अगले ब्लॉग में हम व्यापार की सहायक किर्याओं को विस्तार से जानेंगे। आशा है आपको अच्छा लगा होगा। पढ़ना न भूले और राय अवश्य दें।  धन्यवाद🙏



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